Thursday, December 9, 2010

darululoom deobandदारुल उलूम देवबंद के मोहतमिम मौलाना मरगूबुर्रहमान chanceller

विश्व विख्यात दारुल उलूम देवबंद के मोहतमिम मौलाना मरगूबुर्रहमान का बुधवार को बिजनौर में इंतकाल हो गया। वह 96 वर्ष के थे। देर शाम उन्हें देवबंद में सुपुर्द-ए-खाक कर दिया गया। उनकी मौत की सूचना मिलने के बाद हजारों लोग उनके घर पर अफसोस जाहिर करने पहुंचे।
सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव समेत कई नामचीन हस्तियों ने मौलाना साहब के निधन पर खिराजे अकीदत पेश की। मौलाना मरगूबुर्रहमान को 1982 में दारुल उलूम का मोहतमिम चुना गया था। उस वक्त दारुल उलूम विभाजन के तूफानी दौर से गुजर रहा था, लेकिन मौलाना अपनी ईमानदारी और सलाहियत से कश्ती को किनारे पर ले आए।
जमींदार घराने से ताल्लुक रखने वाले मौलाना बिना तनख्वाह दारुल उलूम की खिदमत करते रहे। उनके कार्यकाल में दारुल उलूम देवबंद ने नए आयाम स्थापित किए। मौलाना साहब ने मुस्लिम समाज में लड़कियों की तालीम पर खास अभियान चलाया। साथ ही मुगलकाल के बाद उन्होंने पत्थर की शानदार मस्जिद रशीद की तामीर कराई, जो दुनिया की खूबसूरत मस्जिदों में शुमार की जाती है।
मोहतमिम मौलाना मरगूबुर्रहमान के जनाजे की नमाज दारुल उलूम के अहता-ए-मौलसरी में अदा की गई। जिसमें हजारों लोगों ने शिरकत कर मोहतमिम साहब का अंतिम विदाई दी। उनके शव को मजारे कासमी में सुपुर्द ए-खाक किया गया। उनकी अंतिम यात्रा में दारुल उलूम वक्फ के नायब मोहतमिम मौलाना सुफियान कासमी, मदरसा जामिया इमाम मुहम्मद अनवर शाह के मोहतमिम मौलाना अहमद खिंजर शाह मसूदी, जमीयत उलेमा हिंद के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना कारी मुहम्मद उस्मान, राज्यसभा सांसद व जमीयत प्रमुख मौलाना महमूद मदनी, पालिकाध्यक्ष मुहम्मद हसीब सिद्दीकी, मुस्लिम फंड ट्रस्ट के उप प्रबंधक हाजी नवाब मुजफ्फर उस्मानी, सपा नगर अध्यक्ष असद जमाल फैजी, सपा प्रदेश सचिव माविया अली, पूर्व मंत्री राजेंद्र सिंह राणा, अरबी विद्वान एवं लेखक मौलाना नदीमुलवाजदी, विख्यात शायर डा. नवाज देवबंदी, प्रशासक डा. अख्तर सईद, इस्लामिया डिग्री कालेज के प्रबंधक डा. अजीमुलहक, सपा नेता दिलशाद गौड़, इस्लामिक विद्वान मौलाना अरशद फारुकी, आल इंडिया मुस्लिम पर्सनल ला बोर्ड के सदस्य मौलाना इस्लाम कासमी, मौलाना नसीम अख्तर शाह कैसर, मनरेगा के प्रदेश सचिव शाद फैजान सिद्दीकी, विधायक इमरान मसूद, पूर्व मंत्री राजेंद्र सिंह राणा, जिलाधिकारी आलोक कुमार व एसएसपी विनोद दोहरे शामिल रहे। इस दौरान मेरठ, दिल्ली, मुंबई, कोलकाता से बड़ी संख्या में उलेमा भी शामिल रहे.

मुजफ्फरनगर दंगे और देवबंद एके-47 केस

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