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Showing posts from May, 2012

सफलता उन्हें ही मिलती है जो सफलता के लिए दृढ़ संकल्प होकर प्रयास करते हैं

सफलता में मेहनत का कोई विकल्प नहीं
करिअर निर्माण में लाखों छात्र अपने-अपने ढंग से सफलता के लिए जद्दोजहद करते नज़र आते हैं। परन्तु अधिकांश छात्रों को यह शिकायत रहती है कि उन्हें सफलता नहीं मिली जबकि उन्होंने इसके लिए कड़ी मेहनत की थी। आखिर अधिकतर छात्रों को यह शिकायत क्यों होती है? क्यों उन्हें लगता है कि सफलता उन्हें नहीं मिली जबकि वे इसके लिए सतत प्रयासरत थे। अधिकतर छात्र इससे निराश हो जाते हैं तथा उनका मनोबल गिरता जाता है और इससे उनकी क्षमता अत्यधिक प्रभावित होती है। इससे उनकी रुचि तथा यहां तक कि याददाश्त क्षमता भी प्रभावित हो जाती है। इससे अगली विफलता का मार्ग प्रशस्त हो जाता है और उनकी सारी योजनाएं धरी रह जाती हैं।
विफलता अगली सफलता को प्रभावित करती है जबकि छात्रों को विफलता का उपयोग अगली बार सफलता को प्राप्त करने में करना चाहिए। यह मान्य तथ्य है कि छात्रों के पास समय का अभाव होता है तथा एक निश्चित अवधि के भीतर ही उन्हें अपनी सभी योजनाओं को कार्यान्वित करना होता है। फलस्वरूप अधिकांश छात्र किसी ऐसे मंत्र या जादू की तलाश में लग जाते हैं जो पलक झपकते ही उनकी मुश्किलें आसान कर दे।

छा…

बुज़ुर्गों के साथ शर्मनाक हादसे

शराब के नशे में 65 साल की सास के साथ किया रेप [Translate] नागपुर।। नागपुर में एक शर्मनाक घटना सामने आई है। आरोप के मुताबिक, यहां पर शराब के नशे में एक शख्स ने अपनी 65 साल की सास का रेप कर दिया। घटना के बाद से ही आरोपी रमेश गव्हाणे फरार है। रेप की शिकार महिला की बेटी ने कोराडी पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस गव्हाणे की तलाश में जुट गई है। पुलिस का कहना है कि सोमवार की रात गव्हाणे की पत्नी अपनी बेटी को उसके ससुराल काटोल पहुंचाने गई थी। उसी रात 11 बजे गव्हाणे शराब के नशे में घर लौटा। पहले उसने अपने बेटे को पीटा और उसे घर से बाहर निकलने को कहा। उस समय उसकी सास सो रही थीं। गव्हाणे ने उन पर हमला बोल दिया और फिर उनके साथ रेप किया। गव्हाणे 3 बच्चों का बाप है। पुलिस सब इंस्पेक्टर पी.वी. फाडे ने बताया, ‘पड़ोस में रहने वाली एक औरत अगले दिन जब गव्हाणे की सास से मिलने आई तो उनकी साड़ी पर लगे खून के धब्बे से उसको शक हुआ कि कुछ गलत हुआ है। जब उसने इस बाबत पूछा तो पीड़िता रोने लगीं और उन्होंने पूरी घटना के बारे में उसको बताया। पड़ोसन ने तुरंत कोराडी पुलिस को खबर दी और रमेश की ब…

Hindi Bloggers Forum International (HBFI): दहेज मांगने वाले गधे और कुत्ते से भी बदतर हैं

Hindi Bloggers Forum International (HBFI): दहेज मांगने वाले गधे और कुत्ते से भी बदतर हैं
गधे और कुत्ते, दोनों की ज़िंदगी इस बात की गवाह है कि वे दहेज कभी नहीं मांगते।
दहेज एक बुरी रस्म है। जिसने इसकी शुरूआत की उसने एक बड़ी बेवक़ूफ़ी की और जिसने भी सबसे पहले दहेज मांगा, उसने लालच की वजह से ही ऐसा किया। आज भी यह रस्म जारी है। एक ऐसी रस्म, जिसने लड़कियों के जीवन का नर्क बना दिया और लड़कों को आत्म सम्मान से ख़ाली एक बिकाऊ माल।
यही बिकाऊ दूल्हे वास्तव में गधे और कुत्ते से बदतर हैं।

ख़ुशी रईसों की दाश्ता है

अजब मसायल से वास्ता है
न हल है कोई न रास्ता है

गुज़र रहा है ज़माना कुछ यूं
उसूल कोई न ज़ाब्ता है

मिज़ाज क्यूं हो गया है ऐसा
ग़र्ज़ किसी से न वास्ता है

ग़रीबों का हमनवा है ग़म और
ख़ुशी रईसों की दाश्ता है

निशात के दिन गुज़र गए ‘शाज़‘
उदास लम्हों से राब्ता है

शाज़ रहमानी,
कटिहार, बिहार

AHSAS KI PARTEN: मुस्लिम छात्र ने खिड़की से कूदकर नंगी लड़कियों से जान बचाई

AHSAS KI PARTEN: मुस्लिम छात्र ने खिड़की से कूदकर नंगी लड़कियों से जान बचाई
यह वाक़या एक ऐसी यूनिवर्सिटी में हुआ है जिसमें शिक्षा सत्र पूरा होने के बाद 5 हज़ार लड़कियां नंगे होकर मैराथन रेस में हिस्सा लेती हैं। उनकी कपड़ों की निगरानी यूनिवर्सिटी की तरफ़ से की जाती है। उनके कपड़ों को तौला गया तो आधा टन वज़्न हुआ।

यह ख़बर कल 15 मई 2012 को राष्ट्रीय सहारा उर्दू के पृ. 12 पर छपी।
इस ख़बर से इस्लाम और पश्चिमी दुनिया की सोच और किरदार एक साथ सामने आ जाते हैं। पश्चिमी दुनिया का नंगापन हिंदुस्तान में भी आम होता जा रहा है। नई तालीम दिलाने वाले मां-बाप अपनी औलाद के लिए ऊंचे ओहदे का ख़याल तो रखते हैं लेकिन उसके किरदार का क्या होगा ?

‘सत्य की खोज‘

जो लोग पढ़ने के शौक़ीन हैं और ‘सत्य की खोज‘ में हैं, उनके लिए मौलाना वहीदुद्दीन ख़ान साहब की ये दोनों ही किताबें फ़ायदेमंद हैं।  ‘सत्य की खोज‘ Literature

हरेक समस्या का अंत , आत्मावलोकन से

एक अहम् बात यह है कि  समय समय पर महापुरूष आए और ‘अपना कर्म‘ करके चले गए। अब महापुरूषों की इस पावन भूमि पर आप हैं। सद्-प्रेरणा लेना-देना और सत्कर्म करना अब आपकी ज़िम्मेदारी है। देखिए कि आप क्या कर रहे हैं ?
इसी आत्मावलोकन से हरेक समस्या का अंत आप कर सकते हैं तुरंत।
इंसान का असल इम्तेहान यही है कि वह अपने ज्ञान और अपनी ताक़त का इस्तेमाल क्या करता  है ? हरेक समस्या का अंत आप कर सकते हैं तुरंत Easy Solution

देख कर चेहरे को हाले दिल समझ जाती है मां

भूक जब बच्चों को आंखों से उड़ा देती है नींद
रात भर क़िस्से कहानी कह के बहलाती है मां

सब की नज़रें जेब पर हैं, इक नज़र है पेट पर
देख कर चेहरे को हाले दिल समझ जाती है मां

इटालियन राजदूत के दिल में दाखि़ल हुआ नूरे इस्लाम

इस्लाम हरेक ज़माने में अपनी सच्चाई के बल पर फैलता आया है और आज भी फैलता चला जा रहा है। इस्लाम क्या है ?
एक ख़ुदा को अपना मालिक और सब हाकिमों का हाकिम मानकर ज़िंदगी गुज़ारना, इस यक़ीन के साथ कि जो कुछ मैं कर रहा हूं, वह उसे देख रहा है। मुझे बुराई से बचना है और भलाई की राह पर चलना है कि यही उसने मेरा फ़र्ज़ मुक़र्रर किया है।
देखिए बिना तलवार के कैसे और कहां फैल रहा है इस्लाम ? Those whom Allah (in His Plan) willeth to guide He openeth their breast to Islam; those whom He willeth to leave straying He maketh their breast close and constricted as if they had to climb up to the skies: thus doth Allah (heap) the penalty on those who refuse to believe. {Al An’am (06):125}
The Italian Ambassador to Saudi Arabia Reverts To IslamCardeilli, who speaks Arabic, is the first ambassador to revert to Islam in Saudi Arabiahome to Islam's holiest sites in Makkah and Madinah, according to a dawah center in Batha which handles Muslim reversions. Nouh ibn Nasser, director of the Batha center, said the Italian conv…

Maan ki Khidmant (Molana Tariq Jameel) Tariq.mp4

ek nasihat sabke liye -

क्या इस देश की महिलाएं बहुत स्मार्ट, आकर्षक हैं ?

सवाल-महिलाओं के लिए फेयर एंड लवली क्रीम थी पर पुरुषों के लिए फेयर एंड हैंडसम क्रीम आयी है। क्या पुरुषों को लवली नहीं होना चाहिए। उनका काम सिर्फ हैंडसम होने से चल जाता है क्यों। जवाब- हैंडसम का मतलब है हैंड में सम यानी रकम, तब ही पुरुष का मामला जमता है। उनका काम सिर्फ लवली होने से नहीं चलता। वैसे अब तो महिलाओं का भी हैंडसम होना जरुरी है। सिर्फ लवली के बाजार भाव बहुत डाऊन हैं। सवाल-जो पुरुष फेयर एंड हैंडसम नहीं लगाते, वे क्या हैंडसम नहीं होते। जवाब-नहीं चुपके से लगाते होंगे। बताते नहीं है, क्या पता बाद में बतायें। जैसे बरसों तक अमिताभ बच्चन की शानदार एक्टिंग देख कर सब समझते रहे कि अमिताभजी की मेहनत-समर्पण इसके पीछे है। पर उन्होने अब जाकर बताया कि वो वाला तेल, ये वाली क्रीम, ये वाला कोल्ड ड्रिंक, वो वाला च्यवनप्राश इसके लिए जिम्मेदार हैं। असली बात लोग बाद में बताते हैं जी। सवाल-पुरुष हैंडसम हो जाये, तो क्या होता है। जवाब-बेटा क्लियर है, ज्यादा कन्याएं उसकी ओर आकर्षित होती हैं। सवाल-क्या पुरुष के जीवन का एकमात्र लक्ष्य यही है कि कन्याएं उसकी ओर आकर्षित हों। जवाब-नहीं ,इमरान …

एक हिरन के पीछे

आज  चेक की तो यह लिंक मिले . विवाद -एक लघुकथा डा. अनवर जमाल की क़लम से Dispute (Short story) जंगल में लकड़बग्घों का एक समूह रहता था। जवान लकड़बग्घे शिकार करते, बच्चे खिलवाड़ करते और बूढ़े इंतेज़ार।
एक दिन छोटे छोटे बच्चों ने देखा कि कुछ जवान लकड़बग्घों ने एक हिरन के पीछे दौड़ लगाई और ... http://mankiduniya.blogspot.in/2012/04/dispute-short-story.html
2- इंसानियत का मक़ाम इंसान तभी पा सकता है जबकि वह अपने... http://sufidarwesh.blogspot.com/

कलामे इकबाल KALAM E IQBAL(Ya Rab Dil e Muslim) ABDUL RAUF RUFI.BY Visaal