Skip to main content

Posts

Showing posts from April, 2013

इसलाम के विषय में 5 सवालों के जवाब और 205 कॉमेंट्स

जानिए अल्लाह, रसूल और इबादत के बारे में-Dr. Anwer JamalPosted by DR. ANWER JAMALat 6:43 PM

हमारे एक भाई ने इसलाम के विषय में 5 सवाल किए हैं। उनका जवाब इस प्रकार है। प्रश्न 1- अल्लाह कौन है? उसके क्या गुण है और उस अल्लाह की क्या पहचान है? वह साकार है या निराकार? उत्तर 1- अल्लाह रब्बुल-आलमीन है यानि वह सब लोकों का पैदा करने वाला और पालनहार है। वह इंसानों का ‘इलाह‘ है क्योंकि उसी ने इंसान को पैदा किया है। वही जानता है कि इंसान के लिए क्या करना फ़ायदेमंद है और क्या करना नुक्सानदेह है।
अल्लाह अजन्मा है। न उसने किसी से जन्म लिया है और न ही उससे किसी ने ऐसे जन्म लिया है जैसे कि मनुष्य अपने माता पिता से जन्म लेता है। कोई उसके बराबर नहीं है और न ही कोई चीज़ उसके जैसी है। वह अतुलनीय और अप्रतिम है। उसके रूप और आकार का निर्धारण करने में मनुष्य की बुद्धि अक्षम है। इसीलिए उसे अचिंत्य और अकल्पनीय कहा गया है।
क़ुरआन व हदीस में अल्लाह के चेहरा या हाथ आदि का अलंकारिक तात्पर्य होता है। जिसे उसी संदर्भ में समझा जाना चाहिए। देखिये- जानिए अल्लाह, रसूल और इबादत के बारे में

टीचर, क्लास में दिखाओ पोर्न

आज यह अनहोनी जानकारी हुई है- अपने देश से पढ लिख कर जो लोग अंग्रेज़ों की खिदमत करने पहुंचे थे. वे अब बड़े धर्म संकट से गुज़र रहे हैं. उनके मूल्य और संस्कृतिजो भी हों लेकिन  क्लास में दिखाओ पोर्न, टीचरों को मिली सलाह अगर सब कुछ सही रहा तो जल्द ही ब्रिटेन के स्कूलों में खुद टीचर क्लास में पोर्न फिल्म दिखाएंगे।

5 वर्षीय बच्ची के साथ रेप, लोग अब क्या करेंगे ?

दिल्ली में एक 5 वर्षीय बच्ची के साथ रेप हुआ। उसे 4 दिनों से बंधक बनाकर रखा गया। उसके साथ रेप किया गया। उसके पेट से तेल की शीशी और मोमबत्ती निकली है। उसकी हालत गंभीर है। दिल्ली के बाहर के लोग दुखी हैं और दिल्ली के रहने वाले पुलिस से भिड़ रहे हैं। 3 अधिकारी निलंबित कर दिए गए हैं। क्या इस बार लोग फिर सख्त क़ानून बनाने की मांग करेंगे ? ...लेकिन क़ानून तो पहले ही सख्त बनाया जा चुका है ! ...तो फिर लोग अब क्या करेंगे ? (एक मज़मून  से साभार) ------------------------------------------------ यह सचमुच एक बड़ा सवाल है। इसका हल कौन बताएगा ? सोचना हम सबको ही है.

निरामिष तड़पे ‘हलाल मीट‘ की लोकप्रियता देखकर

‘हलाल मीट‘  जर्मनी वालों को ख़ूब पसंद आया या यूं कहें कि बड़े शहरों में रहने वाले उनके एंकर  को ख़ूब भा गया। तभी उन्होंने आलू-केले के ब्लॉग को छोड़कर इसे चुन लिया।
‘हलाल मीट‘ जर्मनी के डायचे वेले ईनाम के लिए नामज़द किए गए ब्लॉगों में से एक है। यह अच्छा है। इसकी अच्छाई की एक वजह यह है कि इसके मजमूए में एक लेख मेरा भी है।
शाकाहार को बढ़ावा देने में नाकाम रहने वाले एक साहब को ‘हलाल मीट‘ शुरू से ही अखर रहा है। वह जगह जगह ऐसे तड़प कर बोल रहे हैं जैसे कि उनके गले में मछली का कांटा फंस गया हो, हालांकि वह मछली नहीं खाते. वह ‘निरामिष‘ हैं।


नेपाली युवती के साथ गैंगरेप किया गया

क़ानून सख्त बन गया मगर औरत है आज भी नर्म निवाला :
नई दिल्ली।। आज सुबह साउथ दिल्ली के नानकपुरा गुरुद्वारे के पास फुटओवर ब्रिज के नीचे एक नेपाली युवती बदहवास हालत में पड़ी मिली। जिस्म पर अस्त-व्यस्त और थोड़े कपड़े। कई जगह चोट के निशान। करीब 20 साल की इस युवती को यूं पड़ा देख वहां राहगीरों का मजमा इकठ्ठा हो गया। लोगों ने पूछा तो युवती ने एक ईंट का टुकड़ा उठा कर सड़क पर लिखकर बताया कि उसके साथ 3 लोगों ने रेप किया है। किसी ने पुलिस को कॉल करके इस सनसनीखेज मामले की सूचना दी। फौरन साउथ दिल्ली के कई सीनियर अफसर समेत लोकल पुलिस पहुंची। युवती ने बताया कि किडनैप करके उसके साथ गैंगरेप किया गया है। तुरंत युवती को अस्पताल ले जाया गया।

Blog News: उपेक्षित होने का दर्द कहलवा रहा है दूसरे ब्लॉगों को Bakwas

दूसरे ब्लोगों को बकवास कहना हिन्दी ब्लोगिंग को नुकसान पहुँचाना है

सब मिल-जुल कर किसी ढंग के ब्लोगर को जर्मनी भेजने पर इत्तेफ़ाक़ कर ले। अच्छा तो यही है. ब्लोगिंग का माज़ी (इतिहास) लिखने वाले उसका वर्तमान ख़राब कर रहे हैं. यह देखना अच्छा नहीं लगता.  शोहरत के लिए या किसी और मकसद के लिए आदमी वह सब कर गुज़रता है जो कि नहीं करना चाहिए. रविन्द्र परभात जी किसी ब्लॉग को अच्छा कहें तो सही है लेकिन वे या उनके हमनवा दूसरे ब्लोगों को बकवास कहने का हक नहीं रखते. उन्हें भी बहुत लोग पसंद करते हैं। दूसरे ब्लोगों को बकवास कहना हिन्दी ब्लोगिंग को नुकसान पहुँचाना है . ईनाम के लिए  नामित एक महिला ब्लोगर कि ईमेल ने तो उनके बारे में बहुत कुछ बिना कहे कह दिया है. यह चर्चा हो रही है इस पोस्ट की-
Ravindra Prabhat के प्रचार के पीछे ख़ुद रवीन्द्र प्रभात ही निकले ?Posted by DR. ANWER JAMALat 1:33 PM


रविश कुमार जी ‘बॉब्स अंतर्राष्ट्रीय पुरस्कार 2013‘ में चल रही गड़बड़ियों के लिए ज़िम्मेदार नहीं हैं

क्योंकि
‘‘औरत की हक़ीक़त‘ को वोट देने के बाद भी वहां वोट दर्ज नहीं होता। इसमें आयोजकों की कोई साज़िश तो नहीं है ?‘‘
पूरी सच्चाई का बयान-

रविश कुमार जी ‘बॉब्स अंतर्राष्ट्रीय पुरस्कार 2013‘ में चल रही गड़बड़ियों के लिए ज़िम्मेदार नहीं हैं।
ब्लॉग-चयन के लिए कुछ हिन्दी ब्लॉगर्स ने सीधे सीधे एंकर रविश कुमार जी को ज़िम्मेदार ठहरा दिया है। यह एक ग़लत बात है। रविश कुमार जी ने थोड़े ही ब्लॉग चुने हैं।
‘औरत की हक़ीक़त‘ ब्लॉग की वोटिंग ‘ज़ीरो‘ रहना इस बात का सुबूत है कि इन सारी अनियमितताओं के पीछे कुछ दूसरे छुटभय्ये लोग ज़िम्मेदार हैं। रविश कुमार जी इस तरह ग़ैर ज़िम्मेदारी से काम करते तो वह इतनी तरक्क़ी कैसे कर पाते ? ...लेकिन रविश कुमार जी को ऐसे ग़ैर-ज़िम्मेदारों का पता ज़रूर लगाना चाहिए, जिनकी वजह से उनका नाम ख़राब हो रहा है। लोग तो उन्हीं को जानते हैं, उनके या किसी और के नियुक्त किए हुए हैल्परों को थोड़े ही जानते हैं। हैल्पर उनकी हैल्प करने के बजाय उनकी छवि ख़राब कर रहे हैं।

डा. अनवर जमाल को सराहा गया जर्मनी में

क़ाबिले क़द्र भाई ख़ुशदीप की पोस्ट के ज़रिये ब्लॉगर्स को पता चला कि दुनिया की 14 ज़बानों में 4 हज़ार से ज़्यादा ब्लॉग्स में से जब हिन्दी के सर्वश्रेष्ठ 10 ब्लॉग चुने गए तो जर्मनी वालों ने उनमें डा. अनवर जमाल के ब्लॉग ‘औरत की हक़ीक़त‘ को भी चुना। फ़ोलो करने लायक़ 10 ब्लॉग में ‘हलाल मीट‘ को देखकर यह यक़ीन हो गया कि चुनाव करने वाले किसी गुट से ताल्लुक़ नहीं रखते। इस ब्लॉग का संचालनकर्ता कौन है ?, यह तक क्लियर नहीं है लेकिन फिर भी इसे इज़्ज़त बख्शी गई।  राजनीति, विज्ञान और समाज पर लिखने वाले दूसरे ब्लॉग भी इसमें शामिल हैं। उन सबकी लिस्ट भाई ख़ुशदीप के ब्लॉग से कॉपी की जा रही है।  कौन-कौन से ब्लॉग इन अंतरराष्ट्रीय पुरस्कारों के लिए नामांकित हुए हैं...
हिंदी का सर्वश्रेष्ठ ब्लॉग...
मैंने रिश्वत दी मोहल्ला लाइव तस्लीम अन्ना हज़ारे
औरत की हक़ीक़त
आधारभूत ब्रह्मांड नारी

ख़ूबसूरती हरेक खातून का पैदायशी हक़ तस्लीम किया जाये

...और इसके लिए सरकार को मुनासिब फंड फराहम करना चाहिए। जब तक ऐसा न हो तब तक औरतों को अपना तन पेट काट कर यह सब करना पड़ेगा जैसा कि देखा भी जा रहा है. 

एक मुफ़ीद लिंक शेयर करना अच्छा रहेगा.

ख़ूबसूरती हरेक खातून का पैदायशी हक़ तस्लीम किया जाये
डा. अनवर जमाल की एक पोस्ट