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RELIGION

इस्लाम मे औरत के अधिकार 
इस्लाम के विरुद्ध जितना दुष्प्रचार हुआ, वह उतना ही फैला - राजेन्द्र नारायण लाल
जमीयत उलेमा-ए-हिन्द : महमूद मदनी
The Essence of Fasting रोज़े का महत्व
इसलाम के विषय में 5 सवालों के जवाब और 205 कॉमेंट्स
पैग़म्बर हज़रत मुहम्मद साहब का आखि़री ख़ुत्बा The Last Sermon of the Prophet Muhammad 
तीन तलाक़ एक साथ देने वाले की पीठ पर कोड़े बरसाते थे इस्लामी ख़लीफ़ा
वेद में हज़रत मुहम्मद (स.) का ज़िक्र
सतयुग कैसे आएगा ? , पर एक बहस
तुम में से कोई उस समय तक वास्तविक मुसलमान नहीं हो सकता जब तक कि वह अपने भाई के 
इस्लामी नए साल को मनाने का तरीका बेवाओं (विधवाओं), बेसहारा लोगों की मदद करना है .
मुसलमान होकर भी आदमी गिर सकता जहन्नम में
विज्ञान के युग क़ुरबानी पर ऐतराज़ क्यों ?
आब ए ज़म ज़म की ख़ूबियां
इन आयतों से हमने क्या सीखा ?
Charity ईद की नमाज़ से पहले अदा करना चाहिए फ़ितरा 
What should be man's food ? शाकाहार के लिए जीव हत्या क्यो ?
Mahatma Gandhi का संदेश, इस्लाम का अध्ययन करें प्रेम बढ़ेगा
ईश्वर की निगाह में कौन छोटा है ? कौन बड़ा
Suicide आत्महत्या की प्रवृत्ति पर रोकथाम का एकमात्र उपाय है इस्लाम
मानवता को पेश आने वाली किसी भी समस्या के समाधान में क़ुरआन मास्टर की (MASTER KEY) है
इस्लाम का अंतिम उद्देश्य दुनिया में सत्य और शांति की स्थापना और आतंकवाद का विरोध है
इस्लाम ही सबके हक़ पूरे करने का सही रास्ता बताता है
न्याय कैसे होगा?
विश्व पर्यावरण की सुरक्षा इस्लाम ही कर सकता है: प्रिंस चार्ल्स
अल्लाह के चमत्कार...हर तरफ...!!! Miracle's Of Allah Everywhere
प्रसिद्ध भारतीय मनोचिकित्सक ने इस्लाम अपनाया
मौलाना वहीदुददीन ख़ान साहब से सवाल किया गया कि मुहब्बत ए इलाही क्या है ?जवाब में उन्होंने कहा कि मोमिन सबसे ज़्यादा मुहब्बत अल्लाह से करता है।
गाँधी जी और हज़रत मुहम्मद सल्ल
दुनिया को औरत की इज़्ज़त का सबक़ इस्लाम ने दिया
माँ -बाप
ऐ मुसलमानों , इस्लाम को पूरा इख्तियार करो ताकि सुधार मुकम्मल हो .
..क्योकि उनका ध्यान इबादत मे कम दिखावे मे ज़्यादा रहता है
आओ ईद मनाएं , सब मिलजुल कर !!
इस्लामी हिजाब इस्तेमाल करने के कुछ तरीक़े (सानिया मिर्ज़ा हिजाब में)
मुसलमान पति से मिलने वाले लाभ को हर घर में आम कर दिया जाए तो हर घर आनंद से भर जाएगा'Love Jihad'


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क्या आप सूअर की चर्बी खा रहे हैं ?

बी. एस. पाबला  जी का लेख देख कर मन में यही विचार आया, क्योंकि हम तो लेज़ खाते नहीं हैं और हो सकता है कि दूसरे प्रोडक्ट्स में E 631 हम भी खा रहे हों जो कि हक़ीक़त में सूअर की चर्बी का कोड है . यूरोप और अमेरिका में जा बसे हिन्दू मुसलमान कहाँ तक बच पाते होंगे सूअर की चर्बी से . मुस्लिम देशों में इसे गाय या भेड़ की चर्बी कह प्रचारित किया गया लेकिन इसके हलाल न होने से असंतोष थमा नहीं और इसे प्रतिबंधित कर दिया गया। बहुराष्ट्रीय कंपनियों की नींदउड़गई। आखिर उनका 75 प्रतिशत कमाई मारी जा रही थी इन बातों से। हार कर एक राह निकाली गई। अबगुप्तसंकेतोवालीभाषा का उपयोग करने की सोची गई जिसे केवल संबंधित विभाग ही जानें कि यह क्या है! आम उपभोक्ता अनजान रह सब हजम करता रहे। तब जनमहुआ E कोडका
तब से यह E631 पदार्थकईचीजोंमेंउपयोग किया जाने लगा जिसमे मुख्य हैं टूथपेस्ट, शेविंग क्रीम, च्युंग गम, चॉकलेट, मिठाई, बिस्कुट, कोर्न फ्लैक्स, टॉफी, डिब्बाबंद खाद्य पदार्थ आदि। सूची में और भी नाम हो सकते हैं। हाँ, कुछ मल्टी-विटामिनकी गोलियों में भी यह पदार्थ होता है। शिशुयों, किशोरों सहित अस्थमा और गठिया के रोगियों को

बवासीर

दोस्तों बवासीर ऐसी बीमारी है जो किसी भी आदमी का रात दिन का चैन सुकून छीन लेता है.....देसी दवाइयों से इसका कामयाब इलाज संभव है यदि परहेज़ ध्यान रखा जाए
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शुक्राणुहीनता NIL SPERM

शुक्राणु की कमी के कारण और निवारण आदमी दिखनें में तन्दरुस्त हो ताकतवर हो लेकिन उसके शुक्राणु अगर दुर्बल हैं तो वो गर्भ धारण नहीं करवा सकते - तो जानें वीर्य में स्वस्थ शुक्राणुओं को बढ़ाने के चंद तरीके - पुरुष के वीर्य में शुक्राणु होते हैं ये शुक्राणु स्त्री के डिम्बाणु को निषेचित कर गर्भ धारण के लिये जिम्मेदार होते हैं - वीर्य में इन शुक्राणुओं की तादाद कम होने को शुक्राणु अल्पता की स्थिति कहा जाता है। शुक्राणु की कमी को ओलिगोस्पर्मिया कहते हैं लेकिन अगर वीर्य में शुक्राणुओं की मौजूदगी ही नहीं है तो इसे एज़ूस्पर्मिया संज्ञा दी जाती है ऐसे पुरुष संतान पैदा करने योग्य नहीं होते हैं। वीर्य में स्वस्थ शुक्राणुओं की तादाद कम होने के निम्न कारण हो सकते हैं-- * वीर्य का दूषित होना * अंडकोष पर गरमी के कारण वीर्य में शुक्राणुओं की संख्या कम हो जाती है। ज्यादा तंग अन्डर वियर पहिनने,गरम पानी से स्नान करने, बहुत देर तक गरम पानी के टब में बैठने और मोटापा होने से शुक्राणु अल्पता हो जाती है। * हस्तमैथुन से बार बार वीर्य स्खलित करना * थौडी अवधि में कई बार स्त्री समागम करना * अधिक शारीरिक और मानसिक …